CHHATA:- प्रभु स्मरण ही एकमात्र सुख का उपायः युवराज

CHHATA:- प्रभु स्मरण ही एकमात्र सुख का उपायः युवराज
Publish Date:17 February 2019 09:07 PM

 

रिपोर्ट:- विशाल शर्मा ( संवाददाता छाता)

छाता। छाता के समीपवर्ती ग्राम आजनौंख में स्व0 हरचरनलाल की स्मृति में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के दौरान संत युवराज ने आज सुदामा चरित्र एवं शुकदेव जी की विदाई का विस्तार से वर्णन किया । इस दौरान व्यासपीठ से बोलते हुए उन्होंने कहा कि परमात्मा का नाम प्राणी को सदैव याद रखना चाहिये क्योंकि भगवान प्रत्येक प्राणी की सुख एवं दुख में परीक्षा लेते हैं । उन्होंने कहा कि जैसे सुदामा ने अन्तिम समय तक अपने सखा भगवान कृष्ण को भारी दरिद्रता के बीच याद रखा तो भगवान ने उसकी दुनिया ही बदल दी । उन्होंने श्रीमद्भागवत कथा पुराण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि विशेषकर कलियुग में श्रीमद्भागवत की एक ऐसा ग्रन्थ है जिसके श्रवण करने से प्राणी सुख शांति एवं अन्त में मोक्ष प्राप्त करता है ।

कथा के बाद अन्तिम एक विशाल भण्डारे का आयोजन किया गया जिसमें पूर्व कैबिनेट मंत्री ठा0 तेजपाल सिंह ने कहा  कि इस प्रकार के आयोजनों से आपसी भाईचारा बढता है वहीं सुख शांति भी लोगों के मिलती है । कार्यक्रम में ठा0 वासुदेव,पूरन दादा,दीपक चौधरी,डा0राजवीर,हरफूल चौधरी,रोशनलाल,बाबूलाल,रामप्रसाद,वासुदेव,पूर्व प्रधान हरीसिंह,नित्तर प्रधान सहित बडी संख्या में लोग शामिल हुए ।

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