राजनयिक उत्पीड़न मामलाः पाक ने अपने उच्चायुक्त को भारत से बुलाया वापस

राजनयिक उत्पीड़न मामलाः पाक ने अपने उच्चायुक्त को भारत से बुलाया वापस
Publish Date:15 March 2018 05:55 PM

इस्लामाबाद: सीमा पर लगातार हार का सामना करने वाला पाकिस्तान भारत के खिलाफ नई-नई साजिशें रचता रहा है। बीते दिनों उसने भारत में अपने राजनयिकों को परेशान करने का आरोप लगाया था। अब पाकिस्तान ने भारत में नियुक्घ्त अपने उच्चायुक्त सोहेल महमूद को यह कहते हुए वापस बुला लिया कि उन्हें नई दिल्ली में परेशान किया जा रहा है। विदेश कार्यालय के प्रवक्ता मोहम्मद फैसल ने इसकी जानकारी दी। फैसल ने बताया कि भारत सरकार पाकिस्तानी राजनयिकों, उनके परिवार तथा उनके स्टाफ को खुफिया एजेंसियों द्वारा धमकाने की बढ़ती घटनाओं का संज्ञान लेने में विफल रही है। उन्होंने कहा कि नई दिल्ली में अपने उच्चायुक्त को सलाह-मशविरे के लिए इस्लामाबाद आने को कहा गया है। मंगलवार को विदेश कार्यालय ने भारत के उप उचायुक्त जेपी सिंह को नई दिल्ली में अपने अधिकारियों और उनके परिवार के उत्पीडन के आरोप पर तलब किया था। विदेश मंत्रालय ने दावा किया था कि हाल के हफ्तों में स्टाफ तथा उनका परिवार भारतीय एजेंसियों के ‘‘उत्पीडन, धमकी और स्पष्ट हिंसा’’ का सामना कर रहा है। फैसल ने कहा कि पाकिस्तान के उच्चायुक्त ने विदेश मंत्रालय के साथ तस्वीरें सांझा की हैं और उन व्यक्तियों की पहचान की है जिन्होंने अधिकारियों को जबरन रोका और तस्वीरें लीं लेकिन खेदजनक है कि भारत की ओर से अबतक कोई सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि इन निंदनीय घटनाओं को रोकने में भारत सरकार पूरी तरह से उदासीन और विफल है जिनमें बच्चों तक को नहीं बख्शा गया है। ये घटनाएं संकेत देती है कि भारत में, वहां तैनात विदेशी राजनयिकों की रक्षा करने की क्षमता में कमी है या वह ऐसा करना नहीं चाहता है। प्रवक्ता ने कहा कि विएना कन्वेंशन के तहत पाकिस्तानी राजनयिकों और उनके परिवारों की सुरक्षा की जिम्मेदारी भारत सरकार की है। उन्होंने दावा किया कि ताजा मामले में भारतीय अधिकारियों ने उप उच्चायुक्त की कार को 40 मिनट तक रोके रखा और गाड़ी में सवार लोगों का उत्पीड़न किया। फैसल ने कहा कि पाकिस्तान भारत में अपने उच्चायोग के स्टाफ की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए किसी भी हद तक जा सकता है। उन्होंने कहा कि भारत को अपनी चुनावी राजनीति में पाकिस्तान को घसीटना नहीं चाहिए। पाकिस्तान क्षेत्र में अमन चाहता है और हथियारों की दौड़ के खिलाफ है। 

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