गोरखपुर-फूलपुर उपचुनाव: कड़ी सुरक्षा के बीच सुबह से वाेटिंग जारी, CM योगी ने डाला वोट

गोरखपुर-फूलपुर उपचुनाव: कड़ी सुरक्षा के बीच सुबह से वाेटिंग जारी, CM योगी ने डाला वोट
Publish Date:11 March 2018 11:38 AM

लखनऊः उत्तर प्रदेश की 2 लोकसभा सीटों गोरखपुर और फूलपुर में उपचुनाव के लिए आज यानी रविवार को वोट डाले जाएंगे। मतदान को लेकर सभी तरह की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। गोरखपुर लोकसभा सीट पर सुबह से लेकर शाम 5 बजे तक मतदान होगा।
CM योगी ने डाला वोट
सीएम योगी आदित्यनाथ ने गोरक्षनाथ मंदिर मतदान केन्द्र पर रविवार पहला वोट डाला। वोट डालने के बाद योगी ने संवाददाताओं से कहा कि जनता ने अराजक राजनीति को नकार दिया है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सकारात्मक राजनीति को स्वीकारा है। योगी ने कहा कि भाजपा को पहला वोट मिला है, इसलिए पार्टी बड़े अन्तराल से जीतेगी। गोरखपुर संसदीय सीट पर हो रहे उपचुनाव में भाजपा के उपेन्द्र शुक्ल और समाजवादी पाटी के प्रवीण निषाद के बीच कड़ी टक्कर है।  
डिप्टी सीएम ने किया मतदान
कड़ी सुरक्षा के बीच शुरू हुए मतदान में फूलपुर ज्वाला देवी इंटर कॉलेज में डिप्टी सीएम केशव मौर्य ने भी पहुंच कर मतदान कर दिया है। मतदान करने के बाद डिप्टी सीएम ने कहा कि जैसे मैंने अपने मत का सही प्रयोग करके मतदान किया है वैसे ही जनता भी अपना मत का सही प्रयोग करके मतदान करें। 
मतदाताओं की कतार लगनी शुरू
दोनों उपचुनाव के लिए पोलिंग बूथ पर सुबह से ही मतदाताओं की कतार लगनी शुरु हो गई है। कई मतदान केन्द्रों पर तड़के से ही चहलकदमी प्रारंभ हो गई है। मतदान शुरु होने के समय एक-दो केन्द्रों पर इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन(ईवीएम) में गड़बड़ी आई लेकिन समय रहते उसे ठीक कर लिया गया। मतदान में इसकी वजह से बाधा नहीं पहुंची। राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी एल वेंकटेश्वर लू के अनुसार शांतिपूर्ण ढंग से मतदान शुरु हो गया है। यह शाम 5 बजे तक चलेगा। शुरुआती रिपोर्ट के अनुसार मतदाताओं में उत्साह देखा जा रहा है। सभी ईवीएम मशीनों में वीवीपैट लगाए गए हैं। 
ईवीएम में वीवीपैट लगाए गए
उपचुनाव में 4728 ईवीएम कण्ट्रोल यूनिट, 7098 बैलट यूनिट तथा 4728 वीवीपैट तैयार किए गए हैं। सभी मतदेय स्थलों पर वीवीपैट लगाए गए हैं। वीवीपैट लग जाने से मतदाताओं को पता चल सकेगा कि जिस उम्मीदवार के सामने वाले खाने का बटन दबाया है, वोट उसी को गया है। इस बार चुनाव आयोग ने सभी ईवीएम में वीवीपैट लगाने का निर्णय लिया। वहीं बताया जा रहा है कि वीवीपैट को शुरू होने में कम से कम 30 मिनट से 45 मिनट तक का समय लग रहा है।
सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए
मतदान शान्तिपूर्ण और निष्पक्ष संपन्न कराने के लिए सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। इस चुनाव के लिए अद्र्धसैनिक बल एवं पीएसी की 65 कंपनियां तैनात की गई हैं। संवेदनशील और अतिसंवेदनशील मतदान केन्द्रों पर सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैं। साथ ही अतिसंवेदनशील 95 बूथों पर वेबकासटिंग कराई जाएगी।  
कड़ी सुरक्षा के बीेच हो रहा मतदान
उपचुनाव के लिए दोनों क्षेत्रों में कुल 4296 मतदेय स्थल तथा 1808 मतदान केन्द्र बनाये गये हैं। मतदान पर सतर्क दृष्टि रखने के लिए आयोग द्वारा चार सामान्य प्रेक्षक, दो पुलिस प्रेक्षक तथा 2 व्यय प्रेक्षक तैनात किए गए हैं। इनके अलावा 289 सेक्टर मजिस्ट्रेट, 39 जोनल मजिस्ट्रेट, 20 स्टैटिक मजिस्ट्रेट तथा 200 माईक्रो और आब्जर्वर तैनात किए गए हैं। 
नेपाल से आने या जाने की अनुमति नहीं 
उन्होंने बताया कि इन उपचुनावों में 39 लाख 13 हजार मतदाता हैं। इनमें 21 लाख 51 हजार पुरुष जबकि 17 लाख 61 हजार महिलाओं के अलावा 354 तृतीय लिंग के मतदाता हैं। उपचुनाव में कुल 32 प्रत्याशी मैदान में जिनमें तीन महिला उम्मीदवार हैं।  इस बीच, गोरखपुर से नेपाल की सीमा के पास होने की वजह से सील कर दिया गया है। उपचुनाव के मद्देनजर किसी को नेपाल से आने या जाने की अनुमति नहीं है। संदिग्धों पर कड़ी नजर रखी जा रही है।
सत्ताधारी और विपक्ष के बीच कड़ा मुकाबला 
इन दोनों ही लोकसभा सीटों पर बीजेपी, सपा और कांग्रेस के बीच मुकाबला होने की संभावना है। बसपा ने उपचुनाव में प्रत्याशी नहीं खड़े किए हैं। बीजेपी ने गोरखपुर से उपेंद्र दत्त शुक्ला को और फूलपुर सीट से कौशलेन्द्र सिंह पटेल को उम्मीदवार बनाया है। सपा ने गोरखपुर से प्रवीण निषाद और फूलपुर से नागेन्द्र सिंह पटेल को मैदान में उतारा है। वहीं, कांग्रेस ने गोरखपुर से सुरहिता करीम व फूलपुर से मनीष मिश्र को टिकट दिया है।
सीएम गोरखपुर से 5 बार सांसद चुने जा चुके
गौरतलब है कि सीएम योगी आदित्यनाथ गोरखपुर से 5 बार सांसद चुने जा चुके हैं।गोरखपुर सीट पर 29 वर्षों से भी ज्यादा समय तक गोरखनाथ मंदिर का प्रभाव देखा जाता रहा है, लेकिन इस बार सपा और बसपा के गठबंधन ने जातीय समीकरण को काफी मजबूत कर दिया है। सपा के निषाद समुदाय के उम्मीदवार और गोरखपुर के पांचों विधानसभाओं में दलितों की मजबूत संख्या बीजेपी के लिए सिर दर्द साबित हो सकती है। योगी आदित्यनाथ से पहले उनके गुरु महंत अवैद्यनाथ भी इस सीट से तीन बार सांसद चुने गए थे।
 

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