Swami Vivekananda Jayanti : युवा दिवस पर पढ़ें वो 15 प्रेरणादायी विचार जो आज भी युवाओं में भरते हैं ऊर्जा

Swami Vivekananda Jayanti : युवा दिवस पर पढ़ें वो 15 प्रेरणादायी विचार जो आज भी युवाओं में भरते हैं ऊर्जा
Publish Date:12 January 2019 10:59 AM

रिपोर्ट - दिनेश सिंह तरकर (संवाददाता मथुरा)

Swami Vivekananda Jayanti : युवा दिवस पर पढ़ें वो 15 प्रेरणादायी विचार जो आज भी भरते हैं युवाओं में ऊर्जा 


मथुरा । आध्यात्मिक गुरू के नाम से मशहूर इस शख्स ने बहुत कम ही उम्र में पूरी दुनिया में अपने ज्ञान का लोहा मनवा लिया था। जी हां हम बात कर रहे हैं स्वामी विवेकानंद जिनकी आज जयंती है। आज पूरा देश स्वामी विवेकानंद की 156वीं जयंती मना रहा है। वे युवाओं के लिए सबसे बड़े प्रेरणास्रोत हैं, यही कारण है कि उनके जन्मदिवस को युवा दिवस के तौर पर मनाया जाता है। 

स्वामी विवेकानंद भारत के ऐसे महापुरुष के रुप में शुमार होते हैं जिनके विचार आज भी पावर हाउस से कम नहीं है। 1893 में अमेरिका के शिकागो में हुई विश्व धर्म परिषद् में स्वामी विवेकानंद भारत के प्रतिनिधि के रूप से पहुंचे थे। यहां मौजूद लोगों की बहुत कोशिशों के बावजूद एक अमेरिकी प्रोफेसर के प्रयास से स्वामी विवेकानंद को बोलने के लिए थोड़ा समय मिला। उनके विचार सुनकर वहां मौजूद सभी विद्वान चकित रह गए और उसके बाद वह तीन वर्ष तक अमेरिका में रहे और लोगों को भारतीय तत्वज्ञान प्रदान करते रहे।

स्वामी विवेकानंद ने 11 सितंबर 1893 को अमेरिका के शिकागो में विश्व धर्म सम्मेलन में भाषण दिया था। इस भाषण में दुनिया भर से अलग-अलग धर्मों के विद्वानों के सामने इन्होंने वेदांत का ऐसा ज्ञान दिया कि पूरा संसद तालियों से गूंज उठा और भारतवासियों का सिर गर्व से ऊंचा उठ गया। नरेंद्रनाथ दत्त यानी स्वामी विवेकानंद को हिंदू धर्म के मुख्य प्रचारक के रूप में जाना जाता है। आइए जानते हैं स्वामी विवेकानंद के वो 10 विचार जो आज भी युवाओं में उर्जा का संचार करते हैं। 


प्रेरणादाई विचार


• उठो, जागो और तब तक नहीं रूको जब तक लक्ष्य की प्राप्ति न हो जाये।

• सत्य को हजार तरीकों से बताया जा सकता है, फिर भी हर एक सत्य ही होगा।

• दिल और दिमाग के टकराव के बीच हमेशा दिल की सुनो।

• अगर तुम्हें खुद पर भरोसा नहीं है तो तुम सबसे बड़े नास्तिक हो।

• सबसे बड़ा धर्म है अपने स्वभाव के प्रति सच्चे होना। स्वयं पर विश्वास करो।

• विश्व एक व्यायामशाला है जहां हम खुद को मजबूत बनाने के लिए आते हैं।

• बाहर की दुनिया बिलकुल वैसी है, जैसा कि हम अंदर से सोचते हैं। हमारे विचार ही चीजों को सुंदर और बदसूरत बनाते हैं। 

• तुम गीता पढ़ने के मुकाबले फुटबॉल खेलने से स्वर्ग के ज्यादा करीब होगे।

• किसी दिन, जब आपके सामने कोई समस्या ना आये – आप सुनिश्चित हो सकते हैं कि आप गलत मार्ग पर चल रहे हैं।

• जो अग्नि हमें गर्मी देती है, हमें नष्ट भी कर सकती है, यह अग्नि का दोष नहीं है।

• एक समय में एक काम करो, और ऐसा करते समय अपनी पूरी आत्मा उसमे डाल दो और बाकी सब कुछ भूल जाओ।

• कभी भी यह मत सोचो कि तुम्हारे लिए, तुम्हारी आत्मा के लिए कुछ भी नामुमकिन है। 

• तुम्हें अंदर से सीखना है सबकुछ। तुम्हें कोई नहीं पढ़ा सकता, कोई आध्यात्मिक नहीं बना सकता। अगर यह सब कोई सिखा सकता है तो यह केवल आपकी आत्मा है। 

• सच्चाई के लिए कुछ भी छोड़ देना चाहिए, पर किसी के लिए भी सच्चाई नहीं छोड़ना चाहिए। 

• सबसे पहले यह अच्छे से जान-समझ लो कि हर बात के पीछे एक मतलब होता है।

संबंधित ख़बरें