काैन हाेगा यूपी का अगला मुख्यसचिव राजीव कुमार के बाद

काैन हाेगा यूपी का अगला मुख्यसचिव राजीव कुमार के बाद
Publish Date:18 June 2018 04:34 PM

यूपी में नौकरशाही की सबसे बड़ी कुर्सी की दौड़ शुरु हो चुकी है। यूपी के मुख्य सचिव राजीव कुमार इसी महीने की 30 तारीख को रिटायर हो रहें हैं। लिहाजा यूपी का अगला मुख्यसचिव कौन होगा इसके लिए होड़ मची है। आइए आज हम आपको बताते हैं कि कौन होगा यूपी का अगला मुख्सचिव और क्यों?
सबसे पहले बात 1981 बैच की ताे इससे खुद मुख्यसचिव राजीव कुमार और अनिल स्वरुप शामिल हैं। हालांकि दोनों का रिटायरमेंट इसी महीने है। 
1982 बैच- इसमें 6 अफसर हैं लेकिन दौड़ में प्रवीर कुमार, अविनाश श्रीवास्त और चंद्र प्रकाश ही हैं। इन तीनों का रिटायरमेंट 2019 और 2020 में है। प्रवीर कुमार कार्यवाहक मुख्य सचिव रह चुके हैं और सीएम के करीबी भी माने जाते हैं इसलिए इनके नाम की चर्चा सबसे ज्यादा है।  
1983 बैच- इस बैच में 8 अधिकारी हैं जिसमें राजीव कपूर, राहुल भटनागर, राजीव कुमार सेकेंड, राजप्रताप सिंह और चंचल तिवारी, संजीव सरन और ललीत वर्मा हैं। इसमें राजप्रताप के अलवा सीएम का कोई भी करीबी नहीं और राजप्रताप की अगले महीने ही रिटायरमेंट है। हिलाजा इस बैच का कोई भी अधिकारी इस दौड़ में शामिल नहीं है। 
1984 बैच-इस बैच मेें 7 अधिकारी हैं। माना जा रहा है कि अगले मुख्यसचिव की बड़ी दावेदारी इसी बैच के अधिकारियों के बीच है। इस बैच में अनंत कुमार सिंह, भारत सरकार में सचिव हैं और मार्च 2019 में रिटायर होंगे। इसके बाद दुर्गा शंकर मिश्रा हैं जो कभी मायावती के करीबी माने जाते थे और प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री थे। फिलहाल भारत सरकर में सचिव हैं और इनका रिटायमेंट दिसंबर 2021 में है।
अगला नाम अनुप चंद पांडेय का है जाे यूपी के आईडीसी हैं जिनका कार्यकाल 2019 तक है। इनके नाम पर कोई विवाद नहीं है। किसान कर्जमाफी और इंवेस्टर्स समिट जैसे बड़े आयोजन कराए और सीएम के करीबी भी माने जाते हैं। जातीय समीकरण भी इनके हक में जाता है।
इसके बाद रेस में, अगला नाम संजय अग्रवाल का है। इनका कार्यकाल मार्च 2022 तक का है। फिलहाल ये यूपी के दोनों डिप्टी सीएम के विभागों के अपर मुख्य सचिव हैं और इनकी पहुंच लखनऊ से लेकर गुजरात और दिल्ली तक मानी जाती है। सरकार किसी की भी हो लेकिन संजय़ अग्रवाल की जरुरत सभी को पड़ती है।
हालांकि 1984 बैच के 3 आईएस अधिकारी और हैं लेकिन वो रेस से बाहर हैं जिसमें कुमार अरविन्द देव, शंभुनाथ शुक्ला और नेपाल सिंह रवि का नाम है। 
साफ है कि यूपी के मुख्य सचिव रेस में 1984 बैच के चार अफसरों की चर्चा सबसे तेज है। इन चार में से दो दिल्ली में तैनात हैं जबकि दो लखनऊ में हैं। ये चारों बेदाग और तेजतर्रार अदिकारी माने जाते हैं। अगर मौजूदा मुख्यसचिव राजीव कुमार को एक्सटेंशन नहीं मिलता है तो तय है कि इनमें से ही काेई एक मुख्यसचिव की कुर्सी पर बैठेगा।