रामदेव ने कहा की जब मुस्लिम तसवीर में विश्वास नहीं रखते तो जिन्ना की तसवीर क्यों

रामदेव ने कहा की जब मुस्लिम तसवीर में विश्वास नहीं रखते तो जिन्ना की तसवीर क्यों
Publish Date:10 May 2018 12:33 PM

अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) विवाद में कूदते हुए योग गुरु रामदेव ने कहा है कि जब मुस्लिम मूर्ति या तसवीर में विश्वास ही नहीं रखते तो जिन्ना की तसवीर लगाने का क्या औचित्य है। रामदेव ने बुधवार को बिहार के नालंदा में एक योग शिविर के बाद कहा कि आजकल जिन्ना कुछ ज्यादा ही लाइमलाइट में है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के संस्थापक जिन्ना पाकिस्तान के लिए आदर्श हो सकते हैं भारतीयों के लिए नहीं। जो भारत की एकता और अखंडता पर यकीन रखते हैं उनके लिए जिन्ना आदर्श नहीं हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जब मुस्लिम तसवीर या मूर्ति को तवज्जो नहीं देते हैं तो जिन्ना की तसवीर एएमयू में लगाने को लेकर क्यों एक पक्ष अड़ा हुआ है। गौरतलब है कि यह विवाद तब सामने आया जब अलीगढ़ के भाजपा सांसद सतीश गौतम ने एएमयू छात्रसंघ के कार्यालय में जिन्ना की तसवीर लगाने का विरोध करते हुए वाइस चांसलर को पत्र लिखा। 
उधर, बुधवार को अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के कुलपति तारिक मंसूर ने गृह मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात की। कुलपति ने विश्वविद्यालय परिसर में मोहम्मद अली जिन्ना की लगी तसवीर को लेकर उठे विवाद के बीच प्रतिष्ठित शैक्षिणक संस्थान से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की। बैठक के बारे में एक अधिकारी ने बताया कि कुलपति ने परिसर की स्थिति के बारे में गृह मंत्री को जानकारी दी। उधर, एएमयू के कुछ छात्र अभी भी धरने पर बैठे हुए हैं। बुधवार को छात्रों से मुलाकात करने आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह पहुँचे थे। गौरतलब है कि जिन्ना की तसवीर को ले कर पिछले सप्ताह हिंसा हुयी और एएमयू में परीक्षा रद्द कर दी गयी थी। इस सिलसिले में पुलिस ने दो युवकों को गिरफ्तार किया है।
 

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